
MD-Junaid Khan
बिलासपुर। मुंगेली। रेन्ज पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) के दिशा निर्देशन व सुशील द्विवेदी, संचालक एफ.एस.एल.रायपुर के विशेष सहयोग से मुंगेली वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन जिला पुलिस द्वारा डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक एवं डीएनए साक्ष्य विशेष पर दिनांक 24.04.2026 एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन रक्षित केन्द्र पुलिस लाइन मुंगेली में किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आधुनिक तकनीकी साक्ष्यों जैसे डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक एवं डीएनए साक्ष्यों के महत्व, उनके वैज्ञानिक संग्रहण, संरक्षण एवं न्यायालय में प्रस्तुतिकरण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान करना रहा। इस दौरान विशेषज्ञ डॉ.विक्रांत सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक फोरेन्सिक (एफ.एस.एल.) रायपुर एवं डॉ.स्वाति कुजुर, वैज्ञानिक अधिकारी फोरेन्सिक (एफ.एस.एल.) बिलासपुर एवं डॉ. ज्योत्सना लकड़ा,

वैज्ञानिक अधिकारी मुंगेली द्वारा बताया गया कि वर्तमान समय में अपराधों के अनुसंधान में डिजिटल एवं फॉरेन्सिक साक्ष्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। मोबाइल, लैपटॉप, सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया डेटा एवं डीएनए सैंपल जैसे साक्ष्य अपराध की सटीक जांच एवं अपराधियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिसके संबंध मे पुलिस विवेचना अधिकारी/कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया।

कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को साक्ष्य के सही तरीके से संकलन, सीलिंग, चेन ऑफ कस्टडी बनाए रखने, ई-साक्ष्य ऐप के प्रभावी उपयोग तथा न्यायालय में प्रभावी प्रस्तुतीकरण के संबंध में व्यवहारिक जानकारी दी गई साथ ही, साइबर अपराधों एवं तकनीकी अपराधों की जांच के दौरान आने वाली चुनौतियों एवं उनके समाधान पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

एसएसपी भोजराम पटेल द्वारा सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्रों में अपराध अनुसंधान के दौरान आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करें, जिससे अपराधियों के विरुद्ध सशक्त साक्ष्य न्यायालय मे प्रस्तुत कर उन्हें शीघ्र सजा दिलाई जा सके।
उक्त कार्यशाला में अति. पुलिस अधीक्षक सुश्री नवनीत कौर छाबड़ा, उप पुलिस अधीक्षक हरविन्दर सिंह, रक्षित निरीक्षक श्रीमती नरगिस ख्रिस्ट तिग्गा बघेल, जिले के थाना/चौकी प्रभारी एवं पुलिस अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।

