CG CRIME

बिलासागुड़ी पुलिस लाइन में किया गया, विशेष प्रशिक्षण का आयोजन, यातायात प्रबंधन एवं अपराधियों के निगरानी एवं घर पकड़ के सम्बन्ध में दिए गए प्रशिक्षण..

MD-Junaid Khan

बिलासपुर। उप पुलिस महानिरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के दिशा निर्देश पर बेहतर यातायात प्रबंधन एवं अपराधियों के निगरानी एवं घर पकड़ के सम्बन्ध में, जिले के समस्त विवेचकों को पुलिस के विवेचना में सहयोगी विभिन्न तकनीकी प्रणालियों के संबंध में, विस्तृत जानकारी प्रदान किए जाने हेतु एक विशेष प्रशिक्षण का आयोजन आज बिलासागुड़ी पुलिस लाइन बिलासपुर में की गई।

सेमिनार में विशेष रूप से इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS), नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आईडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS), नेशनल इंटेलिजेंस ग्रीड (NATGRID), सशक्त एप के बारे में जिले के विभिन्न थानों से उपस्थित विवेचकों एवं ग्रामीण क्षेत्र से ऑनलाइन माध्यम से जुड़े हुए थाना प्रभारियों एवं विवेचकों को इन प्रणालियों के बारे में सूक्ष्म एवं विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

ज्ञातव्य हो कि जिले में यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाए जाने हेतु न सिर्फ मैन्युअल कार्यवाही की जाती है अपितु हाईटेक तकनीकी के माध्यम से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर ऑनलाइन प्रणाली से भी सघन निगरानी रखते हुए कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है इस प्रणाली के तहत CCTV कैमेरा, ANPR कैमेरा, रांग वे डिटेक्शन (WWD) स्पीड डिटेक्शन (SVD) आदि सहित कुल 550 कैमरे, 23 पब्लिक एड्रेस सिस्टम (PA सिस्टम), 10 वेरिएबल मैसेज डिस्पले (VMD), स्मार्ट पोल्स 03 (एनवायरमेंट, वाई फाई, और सोलर लाइट सुविधायुक्त) आदि के माध्यम से यातायात प्रबंधन को बेहतर से बेहतर बनाई जा रही है।

इंटीग्रेटेड कमाण्ड एवं कंट्रोल सेंटर के माध्यम से उक्त सभी मैनेजमेंट केंद्रीय कृत रूप से संचालित किया जाता है एवं इस सिस्टम के डाटा सेंटर पर संकलित जानकारी के आधार पर अपराधियों के गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जाती है वही यह प्रणाली न सिर्फ यातायात नियमों एवं अनुशासन के व्यापक पालन करवाने अपितु अपराध पर नकेल कसने एवं उसके प्रभावी नियंत्रण एवं रोकथाम पर भी कारगर होती है। इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात राम गोपाल करियारे एवं स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के मैनेजर वाई श्रीनिवास ने विस्तार पूर्वक जानकारियां प्रदान करते हुए विवेचकों को प्रशिक्षित किया।

चोरी हुए वाहनों की पतासाजी एवं धरपकड़ हुआ आसान
वर्तमान में सशक्त एप के माध्यम से चोरी हुए वाहनों के पतासाजी एवं धरपकड़ में भी इसके आई.टी.एम.एस के साथ सिंक्रोनाइज हो जाने के कारण आसान हुआ है। इस ऐप के बारे में भी किस तरीके से इसका क्रियान्वयन करना है के संबंध में डॉ संकल्प राय और आरक्षक आनंद कुर्रे द्वारा विस्तृत जानकारी विवेचकों को बताई गई है। कार्यशाला में नेट ग्रीड के उपयोग कर किस तरह से अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, अन्तर्राज्जीय स्तर एवं जिले में सक्रिय के अपराधिक गिरोहों, अपराधियों एवं शातिर बदमाशों को पकड़ने में सहयोग मिलती है के संबंध में इसके नोडल सीएसपी निमितेश सिंह द्वारा सभी विवेचकों को बारीकी से विस्तृत जानकारियां प्रदान की गई।

अपराधियों के संबंध में राष्ट्रीय स्तर पर डाटा संकलन किए जाने के संबंध में नेशनल ऑटोमेटेड फॉरेंसिक आईडेंटिफिकेशन सिस्टम एक बहुत ही उन्नत प्रणाली है जिसके माध्यम से लगातार अपराधियों के संबंध में ऑनलाइन माध्यम से जानकारी प्राप्त कर रिकॉर्ड सुरक्षित रखी जा रही है। वहीं संदिग्ध लोगों की निगरानी एवं तस्दीक कर पहचान करने की कार्यवाही भी इस प्रणाली के माध्यम से की जा रही है । जिस संबंध में आज विस्तृत जानकारियां फिंगर प्रिन्ट एक्सपर्ट श्रीमती विद्या जौहर द्वारा विवेचकों को प्रदान की गई।

आज के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कार्यक्रम के नोडल अधिकारी श्रीमती मधुलिका सिंह अति. पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सहित रामगोपाल करियारे अति. पुलिस अधीक्षक यातायात, पंकज पटेल अति. पुलिस अधीक्षक शहर, सीएसपी कोतवाली गगन कुमार, सीएसपी सिविल लाइन, निमितेश सिंह, वाई श्रीनिवास स्मार्ट सिटी जनरल मैनेजर, जिले के सभी थाना प्रभारीगण एवं विवेचक तथा गुजरात से आये हुए पुलिस अधिकारीगण उपस्थित थे।

About The Author

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Scroll to Top