
MD-Junaid Khan
बिलासपुर। जिले के तारबाहर पुलिस द्वारा म्यूल अकाउंट सिंडिकेट पर बड़ी कार्यवाही करते हुए अंबिकापुर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खातों के खिलाफ देशभर में 60 से अधिक साइबर फ्रॉड शिकायतें दर्ज हैं। मामले में पहले आरोपी दीपेश कुमार गुप्ता को 13 मई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। उसके मोबाइल फोन से मिले तकनीकी इनपुट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अंबिकापुर निवासी नवनीत मिश्रा उर्फ विक्की पंडित, ऋषभ साहू और राजा घरानी की भूमिका सामने आई।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस टीम ने तीनों संदेहियों को अंबिकापुर से हिरासत में लेकर थाना तारबाहर लाया, जहां पूछताछ और मोबाइल फोन की तकनीकी जांच की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी व्हाट्सएप और मोबाइल माध्यम से विभिन्न व्यक्तियों के बैंक खातों की जानकारी साझा करते थे तथा “म्यूल अकाउंट” नेटवर्क संचालित कर रहे थे। प्रारंभिक तकनीकी विश्लेषण में यह भी पता चला कि आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने, ट्रांसफर करने और निकालने के लिए किया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार ऐसे “म्यूल अकाउंट सिंडिकेट” साइबर अपराधियों के लिए “स्लीपर सेल” की तरह काम करते हैं। ये नेटवर्क सामान्य लोगों के बैंक खातों को कमीशन के बदले हासिल कर संगठित साइबर ठगी गिरोहों को उपलब्ध कराते हैं, जिससे ठगी की रकम तेजी से विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर छिपाई जाती है।

प्रकरण में पुलिस ने आरोपियों से तीन मोबाइल फोन जप्त किए हैं। जप्त मोबाइलों की तकनीकी जांच जारी है। साथ ही आरोपियों और उनसे जुड़े अन्य लोगों के बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और नेटवर्क की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

