
MD-Junaid Khan
रायगढ़ । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे “ऑपरेशन अंकुश” के तहत रायगढ़ पुलिस की लगातार सख्त कार्यवाही का व्यापक असर अब स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। जुआ-सट्टा जैसे अवैध कारोबार पर पुलिस के निरंतर दबाव, त्वरित छापेमारी और खाईवालों तक सीधी कार्यवाही की रणनीति ने अपराधियों के मनोबल को तोड़ते हुए उन्हें कानून के दायरे में आने को मजबूर कर दिया है। अवैध गतिविधियों के लिए जिले में कोई स्थान नहीं से प्रभावित होकर कई सटोरिये स्वयं आगे आकर सरेंडर कर रहे हैं। हाल ही में कुख्यात सट्टा खाईवाल हेमराज बरेठ उर्फ पप्पू बरेठ तथा मोहम्मद शाहनवाज मलिक उर्फ शानू द्वारा आत्मसमर्पण इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है, जो दर्शाता है कि पुलिस की रणनीति केवल दमनात्मक नहीं बल्कि सुधारात्मक दिशा में भी प्रभावी साबित हो रही है।

