
MD-Junaid Khan
बिलासपुर। जिले के सकरी पुलिस द्वारा शराब पीने के दौरान हुए झगड़े में पिटाई से मौत के प्रकरण में सकरी पुलिस ने फरार आरोपी दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार 14 मार्च 2026 को प्रार्थी कृष्णा कौशिक (23) निवासी संबलपुरी थाना सकरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके बड़े भाई सतीश कौशिक की अज्ञात लोगों ने मारपीट कर हत्या कर दी है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मर्ग क्रमांक 22/2026 कायम कर मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन राकेश कौशिक उर्फ छोटू (38) और उसका भाई गणेश कौशिक (36) मृतक सतीश कौशिक के साथ सकरी स्थित शराब भट्टी गए थे।

वहां तीनों ने शराब पी और साथ में एक पाव देशी प्लेन, दो पाव देशी मसाला शराब, छह रोटी और दो पीस मछली लेकर संबलपुर स्थित खेत में पीपल के पेड़ के पास बैठकर शराब पीने लगे। शराब के नशे में सतीश कौशिक ने गणेश कौशिक और उसके परिवार को गाली देना शुरू कर दिया। आरोपियों ने मना किया, लेकिन विवाद बढ़ता गया। इसी दौरान दोनों भाइयों ने सतीश पर हाथ-मुक्कों से हमला कर दिया और उसे पीपल के पेड़ के पास जमीन पर पटक दिया। मारपीट के दौरान सतीश के सिर और मुंह पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हत्या के बाद दोनों आरोपी मौके से भागकर मरही माता क्षेत्र की ओर चले गए। बाद में वे अपने ससुराल मेण्ड्रा में छिपकर रहने लगे और बाहर भागने की फिराक में थे। इसी बीच 16 मार्च को बीट आरक्षकों को सूचना मिली कि हत्या के दोनों संदिग्ध पांड गांव के आसपास छिपे हुए हैं। सूचना मिलते ही सकरी पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को मेण्ड्रा गांव से पकड़ लिया आरोपियों की गिरफ्तारी में बीट आरक्षक आशीष शर्मा, अफाक खान और अनुप नेताम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने रात में घेराबंदी कर दोनों को दबोचा और पूछताछ में उन्होंने हत्या की पूरी वारदात कबूल करने पर आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 254/2026 के तहत धारा 103(1) और 3(5) बीएनएस के तहत कार्यवाही कर जेल भेज दिया है।

आरोपी
(1)- राकेश कौशिक उर्फ छोटू (38) पिता भागीरथी कौशिक, निवासी संबलपुर, थाना सकरी
(2)- गणेश कौशिक (36) पिता भागीरथी कौशिक, निवासी संबलपुर, थाना सकरी
उपरोक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चौधरी, उपनिरीक्षक गणेशराम महिलांगे, सहायक उपनिरीक्षक सुरेंद्र तिवारी, प्रधान आरक्षक रवि कुमार लहरे, चोलाराम पटेल सहित थाना स्टाफ की अहम भूमिका रही।

