
MD-JUNAID KHAN
बिलासपुर। रेंज में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और ‘प्रिवेंटिव पुलिसिंग’ को मजबूत बनाने के लिए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) राम गोपाल गर्ग के मार्गदर्शन में मंगलवार को उच्च स्तरीय ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित की गई। बैठक में रेंज के सभी पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी और थाना प्रभारी शामिल हुए। कार्यशाला में अपराधियों की निगरानी, रिकॉर्ड संधारण, गुंडा-बदमाशों की सघन चेकिंग और कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में पुलिस अधीक्षक सक्ती श्री प्रफुल्ल ठाकुर ने ‘गुंडा एवं निगरानी बदमाश’ विषय पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए प्रिवेंटिव पुलिसिंग और बेसिक पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के उपाय बताए।

बैठक के प्रमुख निर्णय
आदतन अपराधियों का A और B क्लास में वर्गीकरण कर डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट किया जाएगा। एक गुंडा-एक जवान’ नीति लागू कर प्रत्येक बदमाश की निगरानी एक पुलिसकर्मी करेगा।
फरार अपराधियों की तलाश Natgrid, CDR और Cri-MAC जैसे आधुनिक तकनीकी माध्यमों से होगी।
त्योहारों और राष्ट्रीय पर्वों से पहले थानों में गुंडा-बदमाशों की परेड कराई जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों और मानवाधिकारों का पालन करते हुए ही कार्रवाई की जाएगी। वर्षों से अपराध छोड़ चुके लोगों को समीक्षा के बाद निगरानी सूची से हटाने पर भी विचार किया जाएगा।
आईजी राम गोपाल गर्ग ने स्पष्ट कहा कि पुलिस का लक्ष्य केवल अपराध होने के बाद कार्यवाही करना नहीं, बल्कि अपराध होने से पहले ही उसे रोकना होना चाहिए। उन्होंने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस ऑनलाइन कार्यशाला में बिलासपुर रेंज के विभिन्न जिलों से करीब 200 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।

