

MD-Junaid Khan
बिलासपुर। शहंशाह-ए-छत्तीसगढ़ हजरत बाबा सैय्यद इंसान अली शाह रहमतुल्लाहि अलैह के 68वें सालाना उर्स-ए-पाक का आगाज सोमवार को पारंपरिक परचम कुशाई के साथ किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में जायरीन और अकीदतमंद लुतरा शरीफ पहुंचे और बाबा की बारगाह में हाजिरी देकर मुल्क व कौम की खुशहाली, अमन और भाईचारे के लिए दुआएं की।
उर्स-ए-पाक के आगाज के साथ ही दरगाह परिसर में आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला। अकीदतमंदों ने बड़ी अकीदत और एहतराम के साथ दरगाह पर चादर पेश की व फातिहा पढक़र अपनी मन्नतें मांगीं। दूर-दराज से पहुंचे जायरीनों के लिए दरगाह इंतजामिया कमेटी की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। पांच दिवसीय उर्स 2 अक्टूबर तक जारी रहेगा। दरगाह इंतजामिया कमेटी ने बताया कि उर्स-ए-पाक में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों से जायरीनों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। दरगाह परिसर में साफ-सफाई, पेयजल, रोशनी, पार्किंग तथा अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इस अवसर पर दरगाह इंतजामिया कमेटी लुतरा शरीफ के सदर हाजी इकबाल हक व कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने उर्स की व्यवस्थाओं की निगरानी की। कमेटी की ओर से जायरीनों से उर्स के दौरान आपसी भाईचारा, शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई। उर्स के आगामी दिनों में विभिन्न धार्मिक और रूहानी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

