

MD-Junaid Khan
बिलासपुर। न्यायधानी । पुलिस की STF टीम द्वारा जिले के अलग-अलग इलाकों में संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी जुटाने और उनकी पहचान व दस्तावेजों की जांच कर रही है। इसी क्रम में करीब 20 दिन पहले सिरगिट्टी थाना क्षेत्र से भी कुछ संदिग्ध व्यक्तियों को पूछताछ के बाद रायपुर स्थित होल्डिंग सेंटर भेजा गया था। इसी दौरान अतीक हुसैन वहां से फरार हो गया था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। इसी बीच STF के निरीक्षक संजय शिंदे को सूचना मिली कि अतीक सरकंडा क्षेत्र में छिपकर रह रहा है। सूचना के बाद टीम ने उसके आने-जाने और संभावित ठिकानों की निगरानी शुरू की। 24 सितंबर की तड़के करीब 5 बजे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के मार्गदर्शन और STF की नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रशमीत कौर चावला के नेतृत्व में STF और जिला विशेष शाखा की टीम ने सूर्या विहार कॉलोनी में दबिश दी। जहां अतीक किराए के मकान में रह रहा था। इससे पहले वह सरकंडा के बंगालीपारा गली नंबर-3 में भी रह चुका था।

पूछताछ में उसने अपना नाम अतीक हुसैन, उम्र 42 वर्ष बताया और अपना मूल पता बांग्लादेश के नारायणगंज जिले का बताया। अतीक वर्ष 2005 में बांग्लादेश से भारत आया था। वह 2005 से 2007 तक तमिलनाडु में रहा और इसके बाद बिलासपुर आ गया। वर्ष 2007 से वह सीपत NTPC में BECO LIFTS PRIVATE LIMITED में लिफ्ट मेंटेनेंस का काम कर रहा था। पुलिस को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज सामने आए। इनमें इंडियन पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और नौवीं कक्षा की अंकसूची शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान अतीक ने इन दस्तावेजों को गलत तरीके से बनवाए जाना कबूल किया, हालांकि इन दस्तावेजों की वैधता और उन्हें तैयार करने की पूरी प्रक्रिया की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।

फिलहाल पुलिस अतीक हुसैन के खिलाफ बांग्लादेश डिपोर्टेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। कार्यवाही पूरी होने तक उसे रायपुर के होल्डिंग सेंटर भेजा गया। साथ ही भारत में स्थित संबंधित बांग्लादेशी दूतावास को भी इसकी सूचना दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि अवैध रूप से निवासरत व्यक्तियों और बिना वैध दस्तावेजों के रहने वाले संदिग्ध लोगों के खिलाफ जांच और अभियान आगे भी जारी रहेगा।

उपरोक्त कार्यवाही में STF निरीक्षक संजय शिंदे के साथ जिला विशेष शाखा के उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह, आरक्षक कमल साहू और आरक्षक अभिषेक यादव का अहम किरदार रहा।

