

MD-Junaid Khan
बिलासपुर। जिले के सीपत क्षेत्र स्थित शहंशाह-ए-छत्तीसगढ़ हजरत सैय्यद इंसान अली बाबा का पांच दिवसीय सालाना उर्स 28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजन किया जा रहा है। उर्स को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कमेटी के अनुसार इस वर्ष बारिश को देखते हुए दरगाह परिसर और कव्वाली मैदान में विशेष रूप से वाटरप्रूफ पंडाल लगाए गए हैं, ताकि जायरीनों को परेशानी न हो। इंतजामिया कमेटी द्वारा साफ सफाई, सुरक्षा, पेयजल, ठहरने और लंगर सहित अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उर्स के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों के साथ तकरीर और कव्वाली की विशेष महफिलें आयोजित होंगी। 29 सितंबर को गुस्ल-ए-मजार पाक और शाही संदल होगा। रात 9 बजे बाबा सरकार की शान में अजीमुश्शान जलसा ए तकरीर आयोजित किया जाएगा, जिसमें किछौछा शरीफ, अयोध्या उत्तर प्रदेश के सैय्यद राशिद मक्की मियां साहब किबला तकरीर करेंगे।

30 सितंबर को संदल चादर और कव्वाली का आयोजन होगा। रात 10 बजे मुंबई के रेडियो टीवी सिंगर मझलवा अजीज नाजा की ओर से महफिले समां में कव्वाली पेश की जाएगी। 1 अक्टूबर को रात 10 बजे बिजनौरी उत्तर प्रदेश के रईस अनीस अंसारी साहब कव्वाली पेश करेंगे । 2 अक्टूबर को कुल की फातिहा के साथ उर्स का समापन होगा। सुबह 11 बजे रईस अनीस साबरी साहब बिजनौरी की मौजूदगी में रंग की महफिल होगी। सैय्यद महमद असरार किबला किछौछा शरीफ उत्तर प्रदेश की सदारत में उर्स का समापन किया जाएगा।

उर्स के सभी दिनों में दोपहर से देर रात तक दरबारी शाही लंगर (भंडारा) का इंतजाम किया गया है। दूर-दराज से आने वाले जायरीनों की सुविधा के लिए कमेटी द्वारा विभिन्न व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उर्स की तैयारियों को लेकर इंतजामिया कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य लगातार व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।


