
MD- Junaid Khan
बिलासपुर। जिले के तारबहार पुलिस द्वारा म्यूल एकाउंट के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी करने वाले फरार दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दोनों आरोपी साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन में कमीशन के आधार पर बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करते थे। जानकारी के अनुसार 13 मई 2026 को थाना तारबाहर पुलिस को सूचना मिली कि स्टेट बैंक, व्यापार विहार, बिलासपुर के आसपास एक व्यक्ति लोगों को उनके बैंक खाते उपलब्ध कराने के बदले कमीशन का लालच दे रहा है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर के निर्देश पर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान साइबर सेल से मिले तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन विश्लेषण के आधार पर फरार आरोपियों की लोकेशन रायपुर में मिली।
पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे कमीशन लेकर म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनका उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन में किया जाता था। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन जप्त कर पर्याप्त सबूत मिलने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। प्रकरण में पहले ही चार आरोपी दीपेश कुमार गुप्ता, नवनीत मिश्रा, ऋषभ साहू और राजा घरानी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है।

गिरफ्तार आरोपी
अमीर उर्फ अमीरुद्दीन (29 वर्ष), निवासी मौदहापारा, रायपुर
मोहम्मद अल्मास गाजी (24 वर्ष), निवासी मौदहापारा, रायपुर
जप्त सामग्री
घटना में प्रयुक्त 02 मोबाइल फोन

