
MD-Junaid Khan
बिलासपुर। जिले के सरकंडा पुलिस द्वारा शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और जबरन गर्भपात कराने वाला 5 हजार का ईनामी आरोपी को नागपुर के महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले तीन माह से फरार लगातार ठिकाने बदल रहा था। जिसे मुखबिर की सूचना पर महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार पीड़िता ने थाना सरकंडा में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि पौसरा, थाना कोनी निवासी अजय कुमार बघेल (26 वर्ष) पिछले चार वर्षों से उसके संपर्क में था। इस दौरान आरोपी ने युवती को प्रेम संबंध और शादी का भरोसा देकर अपने विश्वास में लिया। पीड़िता का आरोप है कि 4 नवंबर 2024 को आरोपी ने शादी करने का आश्वासन देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद भी वह लगातार शादी का वादा करता रहा और इसी भरोसे का फायदा उठाकर 18 जून 2025 तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि अप्रैल 2025 में जब युवती गर्भवती हो गई तो आरोपी ने शादी करने के बजाय उसे जबरन गर्भपात कराने के लिए दवाइयां खिलाईं, जिससे उसका एक माह का गर्भ गिर गया। पीड़िता ने बताया कि बाद में आरोपी और उसके परिजनों ने सामाजिक स्तर पर शादी का आश्वासन दिया था तथा पारंपरिक रीति-रिवाज के तहत नारियल फोड़कर विवाह कराने की बात कही थी, लेकिन कुछ समय बाद आरोपी और उसका परिवार अपने वादे से मुकर गए। इसके बाद आरोपी ने युवती से बातचीत बंद कर दी और संपर्क से बचने लगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकंडा पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर अपराध क्रमांक 383/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी फरार हो गया, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए गए। आरोपी की तलाश में विभिन्न संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई और उसके संबंधियों तथा परिचितों से भी पूछताछ की गई। आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए उस पर 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज पटेल तथा नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रदीप कुमार आर्य के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी।

इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी महाराष्ट्र के नागपुर में एक निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स में काम कर रहा है और वहीं छिपकर रह रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम नागपुर रवाना हुई और योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर बिलासपुर लाया गया । वहीं आरोपी को न्यायलय में पेश किया जहां उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया है।
उपरोक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार आर्य, उपनिरीक्षक अमृत लाल साहू, प्रधान आरक्षक भुनेश्वर मरावी तथा आरक्षक रमेश देवांगन का अहम किरदार रहा।

