

MD-Junaid Khan
बिलासपुर। रेंज साइबर पुलिस द्वारा च्वाइस सेंटर संचालकों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 2 हजार रुपये नकद घटना में प्रयुक्त एक बलेनो कार एक स्कूटी और दो मोबाइल फोन बर आमद किए हैं। जानकारी के अनुसार जिले के बिल्हा मोड़ स्थित लक्ष्मी च्वाइस सेंटर के संचालक देवेंद्र रजक ने शिकायत की, की ग्राम खरकेना, थाना हिर्री निवासी 29 वर्षीय देवेंद्र रजक 5 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 12:38 बजे नीले रंग की एक्टिवा से एक व्यक्ति उनके सेंटर पहुंचा। उसने कहा कि वह सेंटर के क्यूआर कोड के माध्यम से खाते में रकम जमा करवाएगा और बदले में उतनी ही राशि नकद ले लेगा।संचालक के सहमत होने पर आरोपी ने क्यूआर कोड की फोटो अपने मोबाइल में ली और किसी अन्य व्यक्ति को भेज दी।

इसके बाद खाते में 16 हजार रुपये जमा होने पर संचालक ने उसे 16 हजार रुपये नकद दे दिए। अगले दिन जब उनके बैंक खाते पर होल्ड लग गया, तब वे स्टेट बैंक की चकरभाठा शाखा पहुंचे। वहां पता चला कि साइबर फ्रॉड से संबंधित रकम खाते में आने के कारण खाता होल्ड किया गया है।इसके बाद च्वाइस सेंटर संचालकों के व्हाट्सऐप ग्रुप से उन्हें जानकारी मिली कि इसी तरीके से अन्य संचालकों के साथ भी धोखाधड़ी की गई है
शिकायत के आधार पर रेंज साइबर थाना बिलासपुर में अपराध क्रमांक 05/2026 धारा 318(4), 317(4) एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी बिलासपुर के हिर्री और बिल्हा क्षेत्र में दोबारा वारदात करने की कोशिश में सक्रिय हैं। पुलिस टीम ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर अंकित आहूजा को पकड़कर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उसने अपने साथी आशीष केवलानी के साथ मिलकर ठगी करना कबूल किया। पूछताछ में आरोपी अंकित आहूजा विभिन्न च्वाइस और सीएससी सेंटरों में जाकर वहां लगे क्यूआर कोड की फोटो खींचता और अपने साथी आशीष केवलानी के मोबाइल पर भेज देता था। इसके बाद आशीष उस क्यूआर कोड को स्कैन कर सेंटर संचालक के खाते में रकम ट्रांसफर करता था। खाते में रकम जमा होने के बाद अंकित संचालक से उतनी ही राशि नकद लेकर वहां से निकल जाता था। बाद में जब संचालकों के बैंक खातों पर होल्ड लगने लगा, तब उन्हें पता चला कि उनके खातों में जमा हुई रकम साइबर ठगी से जुड़ी हो सकती है।

आरोपी रायपुर से निकलकर अलग-अलग जिलों में पहुंचते थे और इसी तरीके से वारदात को अंजाम देते थे। जांच के दौरान अब तक करीब 45 पीड़ित च्वाइस सेंटर संचालकों के आवेदन प्राप्त होने की जानकारी पुलिस ने दी है। आरोपियों के खिलाफ सामने आए मामलों में बिलासपुर, रायपुर, महासमुंद, बलौदाबाजार, कोरबा, जांजगीर- चांपा, रायगढ़, सक्ती और दुर्ग जिले के संचालकों को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, ठगी की कुल रकम लगभग 20 से 25 लाख रुपये होने का अनुमान है। मामले में अन्य पीड़ितों और ठगी की वास्तविक रकम के संबंध में जांच जारी है।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम
(1)- अंकित आहूजा (32 वर्ष) पिता राजेश आहूजा, निवासी सी-504, सेक्टर-10, कमल विहार, डूंडा, थाना मुजगहन, जिला रायपुर।
(2)- आशीष केवलानी (32 वर्ष) पिता मुरली केशवानी, निवासी मकान नंबर 07, प्रेमपार्क, महावीर नगर, पुरैना, थाना तेलीबांधा, जिला रायपुर।
उपरोक्त कार्यवाही में रेंज साइबर थाना बिलासपुर के थाना प्रभारी प्रसाद सिन्हा, सहायक उपनिरीक्षक अशोक कश्यप, आरक्षक दीपक उपाध्याय और दीपक यादव का अहम किरदार रहा।

