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मुंगेली| सरगांव – सरपंच चुनाव की रंजिश में रची थी हत्या की साज़िश| 05 आरोपी गिरफ्तार |

MD-Junaid Khan

मुंगेली। जिले के सरगांव पुलिस द्वारा सरपंच चुनाव में हार की रंजिश के चलते हत्या की साजिश करने वाले 05 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रकरण में अन्य आरोपियों की तलाश जारी। जानकारी के अनुसार दिनांक 26.10.2026 को सूचक चंदन साहू निवासी नगर पंचायत मारो ने थाना सरगांव में सूचना दी कि उसकी साली नीतू साहू का पति तुलसी साहू, उम्र 32 वर्ष, दिनांक 25.10.2026 की शाम लगभग 07.00 बजे घर से अपनी दीदी के घर सरगांव जाने के लिए निकला था और वहां से उसे अपने जीजा के साथ बेलगहना जाना था, लेकिन वह न तो घर लौटा और न ही दीदी के घर पहुंचा और उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है, सूचक एवं परिजनों के द्वारा तलाश किए जाने पर मृतक की मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 28 पी 5824 ग्राम पेण्ड्री स स्थित जय भोलेनाथ राइस मिल के पास मिली, आगे तलाश करने पर गणेश मिनरल्स के पास सड़क किनारे अपशिष्ट पानी से बने कीचड़ में कांटेदार झाड़ियों के बीच तुलसी साहू का शव संदिग्ध अवस्था में मिला।

सूचना पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। मर्ग कायम कर शव का पंचनामा एवं पोस्टमार्टम कराया गया तथा फारेंसिक टीम द्वारा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया। मर्ग जांच, परिजनों के कथन एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मृतक की हत्या गला घोंटकर करने, दोनों पैरों को पीले रंग के बिजली के तार से बांधने तथा शव को छिपाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किए जाने की पुष्टि होने पर थाना सरगांव में अपराध क्रमांक 166/2026, धारा 103 एवं 238 भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेन्ज  रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) के शुरूवात से निर्देशित किया गया कि अंधेकत्ल का शीघ्र खुलासा करने, आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा उत्कृष्ट विवेचना करने एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत शुक्ला के पर्यवेक्षण एवं उप पुलिस अधीक्षक  हरविंदर सिंह के नेतृत्व में साइबर सेल तथा थाना सरगांव पुलिस की संयुक्त टीम मौका रवाना किया गया, पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल, मृतक के आवागमन, आसपास के क्षेत्रों एवं मृतक से संबंधित व्यक्तियों की जानकारी जुटाकर विभिन्न पहलुओं पर विवेचना किया गया, इस दौरान मृतक की मोटरसाइकिल मिलने का स्थान उसके घर से लगभग दो किलोमीटर दूर तथा शव मिलने का स्थान मोटरसाइकिल मिलने के स्थान से लगभग 700 मीटर की दूरी पर था, पुलिस टीम के द्वारा मुखबिर सूचना तंत्र एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुखबीर सूचना तंत्र मे इस मामले मे सरपंच चुनाव में हार की रंजिश का महत्वपूर्ण सुराग सामने आया।



पुलिस विवेचना में सामने आया कि ग्राम पेण्ड्री स निवासी संदेही धनीराम साहू वर्ष 2025 में हुए सरपंच चुनाव में लगभग 8-9 वोटों से हार गया था। गांव के झुलुराम वर्मा चुनाव जीतकर सरपंच बना था तथा मृतक तुलसी साहू उनके मतगणना अभिकर्ता के रूप में कार्य कर रहा था। धनीराम साहू को संदेह था कि मतगणना के दौरान तुलसी साहू ने जानबूझकर कुछ वोट निरस्त करवाये, जिसके कारण उसे चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। इसी बात को लेकर वह मृतक से रंजिश रखने लगा था और उसकी हत्या करने की योजना बना रहा था, योजना को अंजाम देने के लिए धनीराम साहू ने अपने साले भुवन साहू को साथ लिया तथा ओमनारायण राजपूत के माध्यम से उसके दोस्त कोटा निवासी सुरेंद्र जोशी से संपर्क किया जो सुरेन्द्र जोशी मृतक का अपहरण करने के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये में सौदा तय किया गया, जिसे धनीराम ने सुरेन्द्र को 70 हजार रुपये अग्रिम दिए और योजना बनाये कि सुरेंद्र जोशी अपने साथियों के साथ तुलसी साहू का अपहरण कर उसे धनीराम साहू एवं उसके सहयोगियों तक पहुंचायेगा, इसके बाद तुलसी (मृतक) से सरपंच चुनाव में कथित धांधली स्वीकार करने संबंधी स्टाम्प मे लिखवाकर उसका वीडियो बनाने तथा उसकी हत्या करने की साजिश रची गई।

दिनांक 25.10.2026 की शाम सुरेंद्र जोशी अपने साथी कुणाल बक्शी निवासी अमेरी बिलासपुर और उसके 03 अन्य साथी के साथ निशान कार क्रमांक सीजी 10 सीई 2075 से सरगांव होते हुए ग्राम पेण्ड्री ‘स’ पहुंचे, रात्रि लगभग 07.00 बजे जब तुलसी साहू अपनी मोटरसाइकिल से घर से निकला, तब आरोपियों ने उसका पीछा किया और जय भोलेनाथ राइस मिल से लगभग 100 मीटर पहले आरोपियों ने रोड को सुनसान देखकर मोटरसाइकिल रुकवाकर तुलसी साहू को जबरन कार में बैठा लिया और उसका अपहरण कर लिया। इसके बाद धनीराम साहू एवं उसका साला भुवन साहू भी आरोपियों के संपर्क कर बताये कि तुलसी साहू को उठा लिये है तब सभी मनियारी सरगांव के पास एक साथ मिले और मोटरसायकल मे धनीराम और उसका साला भुवन साहू दोनो आगे आगे गये और पीछे कार मे तुलसी साहू को लेकर सुरेन्द्र व साथी गणेश मिनरल्स के पहले पेन्ड्री ‘स’ पुनः उसी रोड मे टीकाराम साहू निवासी मोहभठ्ठा के ट्युबवेल के पास तुलसी साहू को सुरेन्द्र उसके साथी उतार कर तुलसी एवं मोबाइल को धनीराम को दे दिये और सुरेन्द्र व साथी निकल गये, चुंकि टीकाराम साहू के खेत मे ही धनीराम साहू का हार्वेस्टर चल रहा था जिससे वह ट्युब वेल का चाबी रखा था जिससे धनीराम व उसका साला भुवन ने तुलसी साहू को ट्युबवेल के अंदर ले जाकर वहां उसे डराया-धमकाया गया और 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर चुनाव में कथित धांधली स्वीकार करने संबंधी शपथ पत्र लिखवाया गया।

इस दौरान भुवन साहू के मोबाइल फोन से वीडियो रिकार्डिंग कर चुनावी रंजिश के चलते धनीराम साहू एवं भुवन साहू ने पंप हाउस में रखे बिजली के तार से मृतक के दोनों पैर बांध दिए और गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद तुलसी साहू के शव को ठिकाने लगाने के लिए ओमनारायण राजपूत को फोन कर बुलाया फिर तीनों आरोपियों ने मिलकर शव को घसिटते हुये मोटरसाइकिल तक ले जाकर जाकर मोटसाइकिल मे बैठाकर गणेश मिनरल्स से निकलने वाले अपशिष्ट पानी के कीचड़ में सड़क किनारे फेंक दिया और झाड़ियों से ढककर छिपा दिया फिर धनीराम ने मृतक के जूते, जैकेट एवं मोबाइल चार्जर को पंप हाउस के पास स्थित पोल्ट्री फार्म के शेड में छिपाया तथा मोबाइल फोन को राकिंग ढाबा के पीछे खेत में फेंक दिया और धनीराम के द्वारा अपने गमछा को जला दिया और धनीराम के द्वारा दुसरे दिन टीकाराम के पास जाकर चाबी देते हुये घटना के बारे मे बताया तो मृतक का गमछा साथ मे रखना एवं टीकाराम के बोलने पर साथ मे मृतक तुलसी साहू के गमछा को उसके घर के पास जला कर साक्ष्य को मिटाये, प्रकरण मे आरोपी धनीराम साहू के द्वारा अपने साला भुवन साहू के साथ मिलकर तुलसी की हत्या करना एवं ओमनारायण राजपूत के माध्यम से सुपारी देकर सुरेन्द्र जोशी, कुणाल बक्शी के साथी के साथ मिलकर तुलसी का अपहरण करना कबूल किया।


       
प्रकरण मे पुलिस टीम के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुये आरोपी धनीराम साहू के साला भुवन साहू निवासी किरना, ओमनारायण राजपूत निवासी पेन्ड्री, सुरेन्द्र जोशी निवासी दर्रीकापा थाना कोटा, टीकाराम साहू निवासी मोहभठ्ठा को हिरासत मे लेकर पुछताछ पर घटना दिनांक को अपराध में शामिल होने कबूल करने पर विवेचना एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण मे हत्या, साक्ष्य छिपाने की धारा के साथ आरोपियों के विरूद्ध गुप्त अपहरण, आपराधिक षड्यंत्र भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3) एवं 61(2) को जोड़ी जाकर धानीराम साहू से घटना मे प्रयुक्त पंप हाउस के कटे तार के टुकड़े, मृतक के जुते, जैकेट, चार्जर व धनीराम का मोबाइल, भुवन साहू के मोबाइल मृतक के स्टाम्प मे लिखते हुये विडियो, स्टाम्प, मर्डर मे उपयोग किये मोटरसायकल, सुरेन्द्र जोशी से निशान कार क्रमांक सीजी 10 सीई 2075, फिरौती रकम 10 हजार रूपये नगद, मोबाइल, ओमनारायण से मोबाइल जप्त कर गवाहों एवं साक्ष्यों के आधार पर

आरोपी 1.धनीराम साहू पिता रामगोपाल उम्र 40 वर्ष निवासी पेण्ड्री स, थाना सरगांव 2.भुवन साहू पिता बीपत राम उम्र 28 वर्ष निवासी किरना, थाना सरगांव 3.ओम उर्फ ओमनाराण राजपूत पिता घनश्याम उम्र 25 वर्ष निवासी पेण्ड्री स थाना सरगांव, 4.सुरेन्द्र जोशी पिता रेशम लाल उम्र 25 वर्ष निवासी दर्रीकापा, थाना कोटा 5.टीकाराम साहू पिता चैतराम उम्र 53 वर्ष निवासी मोहभठ्ठा, थाना सरगांव को दिनांक 30.10.2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया है। प्रकरण मे अन्य आरोपियों की पतासाजी की जा रही है।


मामला अंधेकत्ल का होने जिसका खुलासा करने पर पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेन्ज श्री रामगोपाल गर्ग ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों को नगद राशि से पुरूस्कृत करने की घोषणा की।



गिरफ्तार आरोपी:-
1. धनीराम साहू, पिता रामगोपाल साहू, उम्र 40 वर्ष, निवासी पेण्ड्री स, थाना सरगांव, जिला मुंगेली।
2. भुवन साहू, पिता बीपत राम साहू, उम्र 28 वर्ष, निवासी किरना, थाना सरगांव, जिला मुंगेली।
3. ओम उर्फ ओमनारायण राजपूत, पिता घनश्याम राजपूत, उम्र 25 वर्ष, निवासी पेण्ड्री स, थाना सरगांव, जिला मुंगेली।
4. सुरेंद्र जोशी, पिता रेशम लाल जोशी, उम्र 25 वर्ष, निवासी दर्रीकापा, थाना कोटा, जिला बिलासपुर।
5. टीकाराम साहू, पिता चौतराम साहू, उम्र 53 वर्ष, निवासी मोहभट्ठा, थाना सरगांव, जिला मुंगेली।

जप्त सामग्री:- पुलिस द्वारा आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बिजली के तार के टुकड़े, मृतक के जूते, जैकेट, मोबाइल चार्जर, मोबाइल फोन, स्टाम्प पेपर, स्टाम्प पर लिखते हुए बनाया गया वीडियो, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, निशान कार तथा सुपारी की रकम में से शेष रकम 10 हजार रुपये।

उपरोक्त कार्यवाही में निरीक्षक अशोक यादव, प्र.उपनिरीक्षक नवनीत नावेलकर, उपनिरीक्षक सत्येंद्रपुरी गोस्वामी, उपनिरीक्षक महेश मिश्रा, सउनि निर्मल घोष, धर्मेंद्र शर्मा, प्र.आर. नोखेलाल कुर्रे, यशवंत डाहिरे, नरेश यादव, अशोक कौशिक, रवि जांगड़े, आरक्षक राहुल यादव, भेषज पाण्डेकर, परमेश्वर जांगड़े, राहुलकांत कश्यप, राकेश बंजारे, अतुल ठाकुर, हेमसिंह ठाकुर, रामकिशोर कश्यप, बसंत डाहिरे, रिपीन बनर्जी, अजय रावत, विश्वनाथ सिंह, पंकज निर्णेजक एवं अनिल मरावी का अहम किरदार रहा।

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